खुश रहने के उपाय

खुश रहने के तरीके : गांठ बांध लें ये पांच बात, कभी नहीं होगा मन उदास

खुशी एक ऐसी फीलिंग है जिसे सभी लोग हमेशा महसूस करना चाहते हैं। जीवन के उतार-चढ़ाव की वजह से लोग बेहद निराश हो जाते हैं, जिससे वो खुश रहना या मुस्कुराना भूल जाते हैं। लेकिन खुशी और मुस्कुराहट आपको जीवन में दुखों से लड़ने में मदद करती है, तो वहीं खुश रहने से आप में कॉन्फिडेंस भी आता है। जिससे आप अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाते है।

खुश रहने के तरीका 1

अगर आप अपनी लाइफ में हमेशा खुश रहना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी गलतियों की जिम्मेदारी खुद लेना सीखें और दूसरों की कमियां निकालना बंद कर दें। इससे जहां आपके दूसरों के साथ संबंध खराब नहीं होगें, वहीं अपनी गलतियों को समझने और उन्हें सुधारने का मौका मिलेगा। गलती में सुधार होने पर आप एक खुशी महसूस करेगें।


खुश रहने के तरीके 2

कई बार हम सभी लोग छोटी सी बात को अपनी सोच की वजह से काफी बढ़ा बना देते हैं। जिसका असर रिश्तों पर भी देखा जाता है। ऐसे में अगर आप 
खुश रहना चाहते हैं और अपने रिश्तों को बरकरार रखना चाहते हैं, तो सबसे पहले हर बात पर बिना जाने रिएक्शन या ओवररिएक्ट करना बंद कर दें। 
इससे आप हमेशा खुद को खुश महसूस करेगें। 

खुश रहने के तरीके 3

आमतौर पर गॉसिपिंग या अपने आस-पास के लोगों की निंदा करने वाले लोग काफी निगेटिव होते हैं, जिससे वो अक्सर खुद को दुखी महसूस करते हैं, 
लेकिन अगर आप खुद को खुश रखना चाहते हैं, तो अपने में बदलाव करते हुए निगेटिव सोच और नकारात्‍मक भाषा का दूसरों के लिए उपयोग करना बंद कर दें। इससे आपके सभी के साथ रिश्ते बेहतर होगें, साथ ही आप खुद को खुश महसूस करेगें।

खुश रहने के तरीके 4

जो लोग हमेशा निगेटिव सोच से घिरे रहते हैं, वो अक्सर छोटी-छोटी परेशानियों में खुद को असहाय अकेला और कंफ्यूज़ महसूस करने लगते हैं। जबकि खुश रहने वाले लोग प्रॉब्लम्स को अपने लिए एक अवसर मानते हुए उसे हल करने के उपाय तलाशते हैं और खुद को बेहतर बनाने का काम करते हैं। इससे जहां प्रॉब्लम को सॉल्व करने के सॉल्यूशन मिलते हैं वहीं आप खुद में कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। 


खुश रहने के तरीके 5 


अगर आप लाइफ में हमेशा खुश रहना चाहते हैं, तो सभी लोगों से एक स्माइल के साथ बात और दोस्ती करें। इससे जहां आपको नए दोस्त मिलेगें, जिनसे आप वक्त-वक्त पर कई सारी चीजें सीख सकते हैं। इसके अलावा दोस्ती करने से छोटी-बड़ी परेशानियों को हल करने में भी मदद मिलती है।

सकारात्मक लोगों के साथ रहें- आप के आस-पास के लोग सकारात्मक सोच वाले हों यह सबसे ज्यादा जरूरी है।


नकारात्मक सोच वाले लोग अगर आसपास हो भी तो कोशिश करें कि उनकी सोच का आप पर असर ना पड़े।

दयालुता- इसकी शुरुआत भी आप अपने आप से करें। खुद के प्रति दयालु रहें आपकी सोच पॉजिटिव हो जाएगी। फिर हर किसी के प्रति उदार भाव रखें आपको भी अच्छा लगेगा।



विश्वास - जी हां, फरेब की इस दुनिया में विश्वास के साथ चलें। आपका विश्वास आपको दिशा देगा। ‍विश्वास करें और विश्वास जीतें यही खुश रहने का मूल मंत्र है। आत्मविश्वास से इसकी शुरुआत होती है।


ध्यान बांटें- जो बात आपको ज्यादा परेशान कर रही है उससे अपना ध्यान हटा कर उन बातों की तरफ कीजिए जो आपको अच्छी लगती है।



अक्सर हम दूसरों से बहुत अधिक उम्मीद रखने लगते हैं और जब वे हमारी उन उम्मीदों के विपरीत व्यवहार करते हैं तो हमें दुख पहुंचता है। अत: अपेक्षाओं को कम करें। जो अच्छा लगे व ह सोचें ।

प्यार करें- हम सभी अपने जीवन में एक बार प्यार अवश्य करते हैं। स्वस्थ रहने के लिए वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है प्यार आपको ताकत देता है।




सच्चे दिल से किसी को चाहे। अपने प्यार को विशाल बनाएं। अपने प्रेमी या प्रेमिका को हर वक्त खुशी देने के बारे में सोचें। आपको भी उतना ही प्यार मिलेगा। खुशी के लिए इससे बढ़कर और कोई दवा नहीं हो सकती।

आलोचना-
खुश रहने वाले लोग किसी की आलोचना नहीं करते हैं। उनका मानना होता है कि इस तरह वो अपनी ही खुशियों को नष्ट कर रहे हैं। इसके साथ ही उनका स्वभाव बहुत ही निम्र होता है और अपने साथ वो दूसरों की खुशियों का ध्यान भी रखते हैं।
तुलना- संतुष्ट लोग ही अपने जीवन में खुश रह पाते हैं। उनके पास जितना होता है वो उसका ही आभार व्यक्त करते हैं। अपने जीवन से दूसरों के जीवन की तुलना करना उन्हें पसंद नहीं होता है।

शिकायत- हर बात को लेकर शिकायत करना एक ऐसा लक्षण माना जाता है जो आपका ध्यान केंद्रित नहीं होने देता है। इससे आप जिंदगी में वो सब नहीं पा सकते हैं जिसे पाने की इच्छा करते हैं। खुशमिजाज लोग इस बात को अच्छे से समझते हैं कि शिकायत करना किसी बात का हल नहीं होता है।


अतीत से दूरी- अतीत में खोए रहने वाले लोग हमेशा उदास रहते हैं। अतीत में हुई घटनाओं को सोचते रहते हैं, लेकिन इससे सिर्फ समय की बर्बादी होती है।

फैसलों की चिंता ना करना- जो लोग हमेशा खुश रहना जानते हैं वो इस बात की फिक्र नहीं करते हैं कि उनके जीवन में उनके लिए गए फैसलों का क्या प्रभाव होगा। इससे वो हमेशा खुश रहते हैं और अपनी जिंदगी खुल कर जीते हैं।

वैज्ञानिकों के बताए गए इन खास तरीकों से रह सकते हैं खुश


१ – 10 मिनट की सैर

चुपचाप, रिलैक्‍स होकर दस मिनट की सैर से भी शरीर और दिमाग को आराम मिलता है। पार्क या कियी हरी-भरी खुली जगह में आप शांति से 10 मिनट की सैर कर सकते हैं।

२ – संगीत सुनें

संगीत का असर दिमाग पर बहुत ज्‍यादा पड़ता है। अपनी पसंद का कोई भी गाना चलाएं और देखें कि ये किस तरह से आपके स्‍ट्रेस को छूमंतर करता है। ये आपके दिमाग में फील गुड वाले न्‍यूरोकेमिकल्‍स भर देगा जोकि आपके हार्ट रेट के साथ-साथ ब्‍लड प्रेशर को भी कम कर देंगें। स्‍ट्रेस को कम करने का सबसे आसानी तरीका संगीत सुनना ही है।

३ – गहरी सांस लें

शरीर की सेहत में सांस को बहुत अहम माना जाता है और अगर आप गहरी सांस लेकर छोड़ेंगें तो आपको ऐसा लगेगा जैसे आपके मन से कोई बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो। ब्रीथिंग एक्‍सरसाइज़ हमारे शरीर और दिमाग को पोषित करती है। कुछ गहरी सांसें लेने से ही आपका स्‍ट्रेस चुटकियों में कम हो जाएगा।

४ – स्‍नैक ब्रेक लें

कोई कैंडी, चॉकलेट या ड्रिंक पीने से भी ग्‍लूकोकोर्टिकोइड नामक स्‍ट्रेस हार्मोन का स्राव कम होने लगता है। लेकिन आपको ज्‍यादा मात्रा में इनका सेवन नहीं करना है वरना इससे वजन भी बढ़ जाएगा।

५ – नैप भी है जरूरी

ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिन्‍हें सोने से सबसे ज्‍यादा खुशी मिलती है। इससे स्‍ट्रेस दूर होकर ब्‍लड प्रेशर लो रहता है। रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि नैप लेने के बाद इंसान ज्‍यादा एलर्ट रहता है और इससे तनाव में कमी आती है और बौद्धिक क्षमता बढ़ती है।

६ – च्‍यूंइगम भी है कारगर

च्‍यूंइगम से ना केवल सांसे ताजा होती हैं बल्कि इससे तनाव भी कम होता है। ये  लगती है।

७ – एक्‍सरसाइज़

एक्‍सरसाइज़ से ना केवल आप फिट रहते हैं बल्कि इससे कुछ ही मिनटों में स्‍ट्रेस लेवल भी कम हो जाता है।

८ – एक प्‍याली चाय का कमाल

एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि एक कप ब्‍लैक टी लेने से स्‍ट्रेस लेवल कम होता है और शरीर रिलैक्‍स महसूस करता है।

९ – गले लगना और किस

ये बात साबित हो चुकी है कि स्किन से स्किन के संपर्क जैसे किसगले मिलना या सिर्फ स्‍पर्श से ही स्‍ट्रेस और ब्‍लड प्रेशर को कम करने वाले हार्मोंस रिलीज़ होते हैं।

ये है खुश रहने के तरीके – इन आसान से तरीकों को अपनाकर आप अपना स्‍ट्रेस कम कर हमेशा के लिए खुश रह सकते हैं।

जीवन में रिश्तों के प्रति जजमेंटल होना अच्छा नहीं माना जाता


 अ धिकतर  महीलाओं  की यही आदत होती है कि वह सामने वाले की किसी भी बात या व्यवहार को लेकर जजमेंटल हो जाती है, जो उनके रिश्ते में खटास का कारण बन सकता है। दरअसल, जब आप सामने वाले के प्रति जजमेंटल हो जाती है तो आपकी उस व्यक्ति को लेकर एक धारणा बन जाती है और फिर आपका व्यवहार भी उसी के अनुरूप बदल जाता है। इसलिए रिश्तों में कभी भी निर्णायक नहीं होना चाहिए। हो सकता है कि आपके नजरिए से जो गलत हो, सामने वाले व्यक्ति के लिए उसकी परिस्थिति में शायद वही बेस्ट ऑप्शन हो। इस तरह आपकी यह आदत आपके करीबी लोगों से आपके रिश्ते को नष्ट सकता है।


उदाहरण के तौर पर, आप अपनी किसी सहेली से सिर्फ इसलिए बात नहीं कर रहीं, क्योंकि आप सोचती हैं कि वह अच्छी नहीं है। ऐसे में बिना कुछ कहे अपने मन में ही जजमेंटल होने से आपके रिश्ते की कड़वाहट कभी दूर नहीं होगी। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने जजमेंटल होने की आदत को पहले दूर करें और फिर खुले दिल-दिमाग से किसी भी रिश्ते को अपनाएं। तो चलिए जानते हैं ऐसे कुछ टिप्स, जिन्हें अपनाकर आप अपनी जजमेंटल होने की आदत को बदल सकती हैं-

कोई नहीं है परफेक्ट

हम सब गलतियाँ करते हैं। हम सभी में कमियां हैं। इसलिए जब आप दूसरे की कमियों को नोटिस करती हैं तो सीधे ही उन्हें जज करने ना लग जाएं। दूसरों को जज करने में कूदें नहीं। खुद से यह कहें कि उनकी तरह, हमारी भी अपनी कमियाँ हैं और आप कभी भी खुद को उसी तरह जज होते हुए नहीं देखना चाहेंगी, जैसा आप दूसरों को जज करती हैं। जब आप ऐसा सोचती हैं तो इससे आप अपने व्यवहार में काफी हद तक परिवर्तन कर पाती हैं।

आप नहीं हैं भगवान

ध्यान रहे कि जीवन में सही निर्णय केवल एक ही कर सकता है जो पूर्ण है और वह है ईश्वर। इसलिए खुद से कहें कि आप कभी भी पूरी तरह से सही निर्णय नहीं कर सकतीं। उस निर्णय में आपकी भावनाएं व सोच भी शामिल होगी। इसलिए न्यायिक होना बंद कर दें क्योंकि अन्य लोगों को यह बताना आपका काम नहीं है कि वे कितने अपूर्ण हैं।

 (इंस्पायरिंग विचारों से खुद को बनाएं पॉजिटिव) बस आप लोगों को वैसे स्वीकार करना शुरू करें, जैसे कि वह हैं।

खुद को करें जज

अगर आप स्वभाव से जजमेंटल हैं तो ऐसे में अब आप खुद की कमियां खोजना शुरू करें। अन्य लोगों में खामियां खोजने के बजाय, अपने आप में खामियां खोजने पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आपको अपनी कमजोरियों का पता लगाने में मदद मिलेगी और उन्हें मजबूत बनाने और खुद को बेहतर इंसान बनाने का अधिक अवसर मिलेगा। 

(टिप्स से बनाएं अपनी रिलेशनशिप में रोमांस) अन्य लोगों की आलोचना पर अपना कीमती समय बिताने के बजाय, अपने व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही जब आप खुद को जज करना शुरू करती हैं और आपको अपनी कमियों के बारे में पता चलता है तो ऐसे में आप खुद ब खुद दूसरों के प्रति निर्णायक होना छोड़ देंगी।

जज करने की बजाय करें मदद

दूसरे लोगों की आलोचना करने और जज करने के बजाय कि उनमें क्या कमी है, आप उनकी मदद क्यों नहीं करती? अगर आपका साथी, दोस्त, या परिवार का कोई सदस्य आपकी अपेक्षाओं से कम है, तो उन्हें जज करने के बजाय उनका साथ दें। उनका मार्गदर्शन करें, उन्हें प्रेरित करें और उनकी कमजोरियों को दूर करने में उनकी मदद करें।

 (8 टिप्स की वजह से नहीं होंगे झगड़े मैरिड लाइफ में गलतफहमी)

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